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    करवा चौथ की व्रत कथा

    कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करवा चौथ कहते हैं। इसमें गणेश जी का पूजन करके उन्हें पूजन से प्रसन्न किया जाता है। इस में गेहूं का करवा भरके पूजन किया जाता है। विवाहित लड़कियों के यहाँ चीनी के करवे मायके से भेजे जाते हैं और निम्नलिखित करवाचौथ की कथा (Karvachauth ki Katha) सुनकर चंद्रमा…

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    गणेश जी की आरती – जय गणेश देवा..

    इस पोस्ट में भगवान गणेश जी की आरती – जय गणेश देवा.. प्रस्तुत की गयी है। गणेश भगवान जी की आरती – जय गणेश देवा जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा ।माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा ॥ एक दंत दयावंत,चार भुजा धारी ।माथे सिंदूर सोहे,मूसे की सवारी ॥ जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा ।माता जाकी…

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    ओम जय जगदीश हरे आरती

    बहुप्रचलित आरती ओम जय जगदीश हरे निम्नलिखित है। ॐ जय जगदीश हरे आरती ॐ जय जगदीश हरे,स्वामी जय जगदीश हरे।भक्त ज़नो के संकट, दास ज़नो के संकट, क्षण में दूर करे।। ॐ जय जगदीश हरे। जो ध्यावे फल पावे, दुःख बिन से मन का, स्वामी दुख बिन से मन का। सुख सम्पति घर आवे, सुख…

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    दुर्गा जी की आरती : जय अम्बे गौरी…

    नवदुर्गा, नवरात्रि, माता की चौकी, देवी जागरण और करवा चौथ के दिन गाई जाने वाली दुर्गा माँ की प्रसिद्ध आरती – जय अम्बे गौरी दुर्गा जी की आरती जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी ।तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी ॥॥ ॐ जय अम्बे गौरी..॥ मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को ।उज्ज्वल से दोउ…

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    गायत्री मंत्र

    गायत्री मंत्र (Gayatri Mantra)भगवान सूर्य की स्तुति में पढ़ा जाने वाला मंत्र है। गायत्री मंत्र ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्यः धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् गायत्री मंत्र का अर्थ उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पाप-नाशक, देवस्वरूप परमात्मा को हम अन्तःकरण में धारण करें। वह परमात्मा हमारी बुद्धि को सत्य-मार्ग में प्रेरित करे।